इंसान की असली परीक्षा उस वक्त नहीं होती,
जब वह आराम और सुकून में होता है
बल्कि उस वक्त होती है
जब परिस्थितियां विपरीत होती हैं
और उसके सामने चुनौतियां होती हैं।
जब वह आराम और सुकून में होता है
बल्कि उस वक्त होती है
जब परिस्थितियां विपरीत होती हैं
और उसके सामने चुनौतियां होती हैं।
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