मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

बचपन के संस्कार

हमारे बचपन के संस्कार ही हैं
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कि घर में हवन होते समय

 घर के लड़के मंत्र भले ना बोल पायें.
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पर स्वाहा इतनी ज़ोर से बोलते हैं.
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कि सारी पापी आत्माएं आवाज़ सुनकर ही मर जाती हैं

😉😂😝😜😂

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